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चील और राजा: अल्बानिया की लोक-कथा

चील और राजा: अल्बानिया की लोक-कथा

Текст на Статията

  • बहुत समय पहले एक लड़का था जो अपना पेट भरने के लिए तीर कमान लेकर पहIड़ों में शिकार करने के लिए जाया करता था।
  • एक दिन उसे आसमान की ओर से कुछ आवाज सुनाई दी। उसने ऊपर देखा कि एक बड़ी सी चील एक सांप को पंजों में दबाये तेज़ी से उडती चली आ रही है।
  • लड़का चील के घोसले मे चील के बच्चे को देखो और उस्के सामने मरा हुआ सांप पड़ा है।
  • अचानक सांप के शरीर मे हरकत हुई और उसने अपना फन ऊपर उठाया। इससे पहले की सांप चील के बच्चे को काट पाता, लड़के ने अपना तीर से सांप को ढेर कर दिया I
  • उसकी बहादुरी से प्रभावित होकर एक दिन उस राज्य के लोगों ने उसे अपना राजा मान लिया।
  • "क्योंकि मेने इसकी जान बचाई है, तुम जिस सांप को मरा हुआ समझ कर घोंसले मे छोड़ गई थीं दर असल वो जिंदा था और तुम्हारे बच्चे को काटने वाला था। लड़के ने चील से कहा ।"
  • "तुमने मेरे बच्चे को क्यों उठाया ?" चील ने गुस्से से लड़के से पूँछा ।
  • उस दिन के बाद से लड़का और चील अभिन्न मित्र बन गए। अब लड़के को शिकार की तलाश में भटकना नहीं पड़ता था क्योंकि चील आकाश में उड़कर अपनी तेज दृष्टि से शिकार की तलाश करती और लड़के को बता देती।
  • धीरे धीरे लड़का बड़ा हुआ और चील की मदद से अपने इलाके का नामी शिकारी और योद्धा बन गया।
  • राजा बनने के बाद उसका नाम श्काईप रखा गया, जिसका अर्थ अल्बानिया की भाषा में होगा है - चील।