बाहर जाने और खेलने के लिए अपने बड़े भाई द्वारा डांटे जाने के बाद लेखक दुखी हो गया और रोने लगा।
क्यों न घर चला जाऊं| जो काम मेरे बूते के बाहर है, उसमे हाथ डालकर क्यों अपनी ज़िन्दगी ख़राब करूँ|
"लेकिन एक या दो घंटे के बाद निराशा के बादल फट जाते और मैं इरादा करता कि आगे से खूब जी लगाकर पडूंगा | चटपट एक टाईमटेबल बना डालता |
6 - उठना, मुंह हाथ धो , नाश्ता कर , पढ़ने बैठ जाना6- 8 अंग्रेजी8-9 हिसाब9- 9:30 इतिहास ,भोजन और स्कूल 3:30 शाम स्कूल से वापिस होकर आधा घंटा आराम4-5 भूगोल5-6 व्याकरण6-6:30 हॉस्टल के सामने ही टहलना6:30-7 अंग्रेजी कंपोज़ीशानफिर भोजन करके8-9 अनुवाद9-10 हिंदी10-11 विशद विषय फ़िर विश्रामम्
"मगर टाइमटेबल बना लेना एक बात है, उस पर अमल करना दूसरी बात|पहले ही दिन से उसकी अवहेलना शूरू हो जाति| मैदान की वाह सुखद हरियाली, हवा के हल्के हल्के झोंके, फुटबॉल की वाह उछल कूद …..
कबड्डी के वह दाँव घात, वॉलीबाल की वह तेज़ी और फुरति, मुझे अज्ञात और अनिवार्य रूप से खींच ले जाती और वहां जा कर मैं सब कुछ भूल जाता। वह जानलेवा टाइम टेबिल, वह आँखफोड़ पुस्तकें, किसी की याद ना रहती और भाई साहब को नसीहत और फ़जीहत का अवसर मिल जाता।"
" मैं उनके साये से भागता, उनकी आँखों से दूर रहने की चेष्टा करता , कमरे में इस तरह दबे पाँव आता कि उन्हें खबर न हो | "
"उनकी नज़र मेरी ओर उठी और मेरे प्राण निकले | हमेशा सर पर एक नंगी तलवार सी लटकती मालूम होती|फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुड़कियाँ खाकर भी खेल कूद का तिरस्कार न कर सकता था |”
Plus de 40 millions de storyboards créés
Aucun Téléchargement, Aucune Carte de Crédit et Aucune Connexion Nécessaire Pour Essayer !