Ugrás a fő tartalomra
Új Lapon Nyílik meg
Kezdőlap
Erőforrások
Árazás
Storyboard létrehozása
Storyboard létrehozása
Bejelentkezni
Regisztrálj tanárként
Regisztráljon magánszemélyként
Keresés
Unknown Story
Hozzon Létre egy Forgatókönyvet
Másolja ezt a forgatókönyvet
Másolja ezt a forgatókönyvet
STORYBOARD KÉSZÍTÉSE
DIAVETÍTÉS LEJÁTSZÁSA
OLVASS NEKEM
Készítsd el a saját
Másolás
Storyboard Szöveg
राजकुमार ने साधु के आश्रम की सफाई की और अपने तपस्या के दौर भिक्षु की सेवा की
एक राजा का एक बेटा था जिसका पढ़ने-लिखने का बिल्कुल भी मन नहीं था। इससे राजा उदास हो गया
जब साधु की तपस्या पूरी हुई टैब उन्होन राजकुमार से कुछ भी मांग ने के लिए कहा। तो राजकुमार ने उनसे विद्या मांगि
इस बात से चिंतित होकर राजा ने अपने पुत्र को कुछ सीखने के लिए भेजा। जंगल के रास्ते में उन्होंने एक साधु को तपस्या करते देखा।
महिने का पथ सप्त में और सप्ताह का पथ दिन में शुद्ध करने के एक साल बाद साधु ने राजकुमार को 3 अद्यतन बता दिया
एक नेवला मिला रास्ते में। राजकुमार को तो उसे उस नेवले को अपना साथी बना लिया। वाहन एक पेड़ के आला विश्राम करने के लिए रुके।
1. रास्ते में एक साथी के साथ जरूर चलना2. जाच करने के बाद ही कहीं बहुत चाहिए।3. अगर कोई भोजन दे तो पहले उससे ही चाहने के लिए बोलो
उसी वृक्ष पर एक साप रहता था। वे राजकुमार पे वार करनी ही वाला था की नेवले ने साप मार दिया
कुछ शानो बाद राजकुमार बिस्तर पर बेथने गए लेकिन उसी पहले जाच की तबसे एक कौवा दिखा बिस्तर के अंडर तो वो जमीन पर ही बेथ गया
विश्राम करने के कुश शानो बाद राजा को थगापुर के नाम की एक जग मिली। याहा लोगो को ठग जाता था
भोजन से पहले राजकुमार ने पहले एक कुत्तो की दिया पहले तो कुट्टा बिहोश हो गया था। रज्ल=कुमार ने बचा हुआ खाना फेक दिया
वहा थागो के चौधरी ने राजकुमार को रात का विश्राम और भोजन के लिए कहा जिस्से थगराज कुमार को ठग खातिर