एक घने जंगल में चार गाय रहती थी और चारो बहुत अच्छी दोस्त थी । वे जहा भी जाती एक साथ जाती खाना भी साथ खाती उनकी
उनकी एकता की वजह से कोई भी जंगली जानवर उनके आस पास आने की हिम्मत भीं नहीं करता था ।
बहुत दिनों से जंगल के एक खूंखार शेर की नज़र इन गायो पर थी जो हमेशा से यही चाहता था की इनको अपना भोजन बनाया जाए ।
शेर ने सोचा की वो उनकी दोस्ती टोरड़ के उनको अलग-अलग करके खलेगा इसलिये क्योंकि वो अकेले कुछ नहीं करपाएगे। और वो उन्हें खा जाऊंगा।
शेर ने बेल्ल से कहा की दूसरे बेल्ल उसे जलते हे क्योंकि तुम सबसे सदा सवद हो मने सुना के वो'तुम्हे अकेला छोड़ देंगे जब कोई भूखा जानवर उनको खानेआएगा। इसलिए जब में उन्हे डरने आऊंगा तुम उदर से चलेजाना मेरे गुफा में चलेजाना ताकि में दुसरो को दराके बघाड़ो। गाये ने गुसे से बोला थिक हे। लेकिन वो उन तीन गाये को डराएगा नहीं खा जाएगा।
गाय शेर की गुफा में गया तबतक शेर ने एक को मर दिया बाकि गाय वहासे भागई शेर ने उस गाय को खाके उपनि गुफा के तरफ गया झापे उसे एकौर गाय मिलेगी और वो उसे खालेगा।