सुप्रभात छात्रों !मेरा नाम प्रारब्ध गौतम है, और आज मैं आपको पद परिचय के बारे में बताने जा रहा हूं।
जब शब्दों का वाक्यों में प्रयोग किया जाता है तो उन्हें पद कहते हैं।व्याकरण के अनुसार वाक्यों में प्रयुक्त पदों का परिचय पद-परिचय कहलाता है।पद-परिचय करते समय आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
संज्ञा - यदि पद संज्ञा है तो निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए -प्रकार - व्यक्तिवाचक संज्ञा, सामान्य संज्ञा या भाववाचक संज्ञालिंग - स्त्रीलिंग या पुल्लिंगवचन - एकवचन या बहुवचनकारक - कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण
सर्वनाम - यदि रेखांकित पद सर्वनाम है -वचन - एकवचन, बहुवचन प्रकार -पुरुषवाचक सर्वनाम, निश्चयवाचक सर्वनाम, अनिश्चयवाचक सर्वनाम, प्रश्नवाचक सर्वनाम, संबंधवाचक सर्वनाम, निजवाचक सर्वनामलिंग - स्त्रीलिंग, पुल्लिंगकारक - कर्ता, कर्म, करण, सम्प्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण
विशेषण - यदि रेखांकित पद विशेषण है -प्रकार - गुणवाचक विशेषण, परिमाणवाचक विशेषण, संख्यावाचक विशेषण और सर्वनामिक विशेषणविशेष्यलिंग - स्त्रीलिंग, पुल्लिंग वचन - एकवचन, बहुवचन
क्रिया - यदि रेखांकित पद क्रिया है -प्रकार- अकर्मक क्रिया, सकर्मक क्रियावाच्य - कर्तवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्यकाल - वर्तमान काल, भूतकाल, भविष्य काललिंग - स्त्रीलिंग, पुल्लिंग वचन - एकवचन, बहुवचन
Ponad 40 milionów stworzonych scenorysów
Bez Pobierania, bez Karty Kredytowej i bez Logowania, aby Spróbować!