Vyhľadávanie

sadhu ke teen updesh

Skopírujte tento Storyboard
sadhu ke teen updesh

Text z Príbehu

  • ठगराज की छोटी पुत्री राजकुमार के पास जाकर बोली, "राजकुमार, मैं तुम्हारी जान बचा देती हूँ, परंतु तुम एक बार फिर प्रतिज्ञा करो कि तुम मेरे साथ विवाह करोगे।" राजकुमार ने कहा, "क्यों नहीं, मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि तुम्हारे साथ विवाह करूँगा और जब राजा बनूँगा तो तुम्हें ही रानी बनाऊँगा। मैं कभी दूसरा विवाह नहीं करूँगा।"
  • ठगराज की पुत्री ने कहा, "ठीक है, अब तुम एक काम करो। घुड़साल में दो ऊँटनियाँ बँधी हुई हैं। एक तो मोटी है, दूसरी पतली है। मोटी ऊँटनी दिन में साठ कोस चलती है, जबकि दुबली-पतली ऊँटनी दिन में सौ कोस चलती है। तुम जाकर उस दुबली-पतली ऊँटनी को खोलकर ले आओ। तब तक मैं धन-माल बाँधकर तैयार करती हूँ।
  • राजकुमार घुड़साल पहुँचा। उसे दुबली-पतली ऊँटनी पसंद न आई। 'मोटा-ताजी ऊँटनी देखने में बहुत अच्छी थी। वह उसे खोलकर ले आया। जब ठगराज की छोटी बेटी ने देखा कि राजकुमार साठ कोस चलने वाली ऊँटनी ले आया है, तो उसे बहुत खेद हुआ। फिर सोचा कि ईश्वर जो करता हैं, अच्छा करता है। यह सोचकर वह धन-माल की गठरी लेकर राजकुमार के साथ उस पर सवार हो गई। ऊँटनी वेग से आगे चल पड़ी।
  • जब सवेरा हुआ तो ठग का बड़ा बेटा उस कमरे में पहुँचा। वहाँ राजकुमार को और अपनी छोटी बहन को न देखकर वह चकराया। उसने सोचा कि राजकुमार उसे जबरदस्ती भगा ले गया है। उसने घुड़साल में जाकर देखा, तो सौ कोस चलने वाली ऊँटनी बँधी खड़ी थी। उसे खोलकर वह बाहर लाया। उस पर सवार होकर वह राजकुमार का पीछा करने लगा।
  • साठ कोस जाकर राजकुमार एक वृक्ष के नीचे ठहर गया। इतने में ठग का बड़ा बेटा आता दिखाई दिया। ठगराज की छोटी बेटी ने दूर से ही अपनी ऊँटनी और उसके सवार अर्थात अपने बड़े भाई को पहचान लिया था। उसने राजकुमार से कहा, "तुम तुरंत इस पेड़ पर चढ़ जाओ मेरा बड़ा भाई ऊँटनी पर सवार होकर इधर ही आ रहा है।" यह सुनकर राजकुमार झट पेड़ पर जा चढ़ा।
Vytvorených viac ako 40 miliónov storyboardov
Na Vyskúšanie nie je Potrebné Žiadne Sťahovanie, Žiadna Kreditná Karta a Žiadne Prihlásenie!
Storyboard That Family