पहला भाई: हम ऐसे दरिद्र नहीं रह सकते.दूसरा भाई: हाँ बिकुल सही कहा.तीसरा भाई: हमें बड़े भाई को बताना चाहिए. घर में एक भी दाना नहीं बचा हैं.
निष्ठुर अनुकंपा
बड़े भाई, खाने के लिए दाना भी नहीं होता, कुछ करो ना?
ठीक है, हम एक कुंजड़िन को बुलाकर सहिजन की फलियां बेचते हैं और थोड़ा पैसा कमा लेते हैं.
निष्ठुर अनुकंपा
अभी ये फलियां कोई लेता नहीं हैं, मुझे इनसे ज़्यादा पैसा नहीं कमा सकती.ठीक हैं.
आपको जितना दाम देना हैं उतना दे दो पर आराम से बोलो, मेहमान सो रेक हैं, जाग जाएंगे.
किसी शहर में एक कुलीन परिवार रहता था . उनमें चार भाई रहते थे. परिवार की स्तिथि और धन दौलत बर्बाद हो गया था. वेबहुतपढ़े लिखे थे.
निष्ठुर अनुकंपा
ये परिवार अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए गरीबी का जीवन जी रहे हैं. मुझे कुछ करना ही होगा.
चरों भाइयों ने सहिजन की फलियां तोड़कर बेचने लगे. उसी वजह से वे ज़िद्दी और काम करने के लिएकामचोरऔर काहिल भी बन गए.
निष्ठुर अनुकंपा
रहने दो, अभी हम सब काम ढूढ़ना शुरू कर लेंगे, हमारे पास और कोई चारा नहीं बचा है.
ये क्या हो गया ! हमारे मेहमान ने पेड़ काट दिया, अगर उसे थोड़ी भी दया आई होती तो हमें आठ दस मन अनाज देता.
दिवाली के बाद एक मेहमान आया. चारों भाइयों ने उन्हें अच्छी तरह से देखभाल की. मेहमान को पता हल गया था की ये लोग गरीब हैं.रात कको एक कुंजड़िन आई और काम दाम में फलियां लेकर चली गई. मेहमान ने सच्चाई जानने के लिए सोने का ढोंग रचा.
निष्ठुर अनुकंपा
मेरा इरादा पेड़ काटने का करब नहीं था. मुझे माफ़ कर दो.
माफ़ी मत मांगो! आपने हमारी काहिली और बदकिस्मती काट दी और हमारी कमज़ोरता भगा दी. आपका खूब खूब धन्यवाद.
मेहमान ने रात में उनके एकमात्र सहरिक सहिजन पेड़ को कुल्हाड़ी से पेड़ को झड़ से काट डाला और सुनसान जंगल में भाग गया.
अभी चारो भाइयों को काम करना था और वे नौकरी पर लग गए.
एक साल के बाद वही मेहमान फिरसे आया और अपने भाव बताये. चारो भाइयों के आस पैसा आने लगा था और खाने पीने की कमी नहीं थी.ऐसे ही कुलीन परिवार अब सुखी जीवन जीने लगा.
Vytvorených viac ako 40 miliónov storyboardov
Na Vyskúšanie nie je Potrebné Žiadne Sťahovanie, Žiadna Kreditná Karta a Žiadne Prihlásenie!