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Km02

Text z Príbehu

  • बहुत समय पहले एक लड़का था जो अपना पेट भरने के लिए तीर कमान लेकर पहाड़ों में शिकार करने के लिए जाया करता था।
  • चील और राजा
  • एक दिन वह पूरी दोपहर शिकार की तलाश में पहाड़ों में भटकता रहा पर उसे कोई भी जानवर दिखाई नहीं दिया।
  • उसे आसमान की ओर से कुछ आवाज सुनाई दी। उसने ऊपर देखा तो पाया कि एक बड़ी सी चील एक सांप को पंजों में दबाये तेज़ी से उडती चली आ रही है। चील ने पंजों में दबे सांप को पहाड़ी में बने अपने घोंसले में छोड़ा और तुरंत नए शिकार की तलाश में निकल गई।
  • लड़का चील के बच्चे को निहार ही रहा था कि तभी सांप के शरीर में हरकत हुई और उसने अपना फन ऊपर उठाया। सांप दरअसल मरा नहीं था। इससे पहले कि सांप चील के बच्चे को काट पाता, लड़के ने फुर्ती से अपना तीर कमान निकाला और एक ही निशाने में सांप को ढेर कर दिया।
  • अभी वह घर पहुँच नहीं पाया था कि तभी वह विशाल चील न जाने कहाँ से प्रकट हुई और उसके सिर के ऊपर आसमान में मंडराने लगी। “तुमने मेरे बच्चे को क्यों उठाया ?” चील ने गुस्से से लड़के से पूछा।“क्योंकि मैंने इसकी जान बचाई है, तुम जिस सांप को मरा हुआ समझ कर घोंसले में छोड़ गईं थीं दरअसल वो जिंदा था और तुम्हारे बच्चे को काटने वाला था !” लड़के ने चील से कहा।यह सुनते ही चील का गुस्सा ठंडा पड़ गया। उसने लड़के से विनती करते हुए कहा – “तुम मुझे मेरा बच्चा सौंप दो। बदले में मैं अपनी तीक्ष्ण दृष्टि और शक्तिशाली पंखों से हमेशा तुम्हारी मदद करूंगी !”लड़के ने चील के बच्चे को छोड़ दिया।
  • उस दिन के बाद से लड़का और चील अभिन्न मित्र बन गए। अब लड़के को शिकार की तलाश में भटकना नहीं पड़ता था क्योंकि चील आकाश में उड़कर अपनी तेज दृष्टि से शिकार की तलाश करती और लड़के को बता देती।वह तब एक राजा बन गया