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wedwis_20052020
Updated: 5/20/2020
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Wednesday Wisdom

Storyboard Text

  • पिछले सप्ताह मैंने आप को मुद्रास्फीति के बारे में बताया, आज मैं आपको इसके कुछ मुख्य कारणों के बारे में बताऊंगा।
  • हाँ, जरूर।
  • मुद्रास्फीति किसी अर्थव्यवस्था में मांग और आपूर्ति दोनों तरफ से हो सकती है। किसी अर्थव्यवस्था में मुख्यतया मुद्रास्फीति के कई कारण हो सकते हैं, जैसे - मांग-जन्य मुद्रास्फीति: (a) मांग-जन्य मुद्रास्फीति तब होती है जब सकल मांग एक अस्थिर दर से बढ़ रही होती है जो दुर्लभ/सीमित संसाधनों पर दबाव बढ़ाती है और एक सकारात्मक आउटपुट अंतर पर दबाव बढ़ जाता है।
  • (b) जब मांग अधिक हो, तो उत्पादक अपने उत्पादों के दाम बढ़ा कर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।(c) मांग-जन्य मुद्रास्फीति एक चुनौती बन जाती है जब एक अर्थव्यवस्था की जीडीपी में संभावित जीडीपी की लंबी अवधि की प्रवृत्ति में वृद्धि के मुकाबले तेजी का अनुभव किया जाता है।
  • लागत-जन्य मुद्रास्फ़ीति: लागत-जन्य मुद्रास्फीति तब होती है जब फर्में बढ़ती हुई कीमतों के एवज में अपने मुनाफे को बचाने के लिए अपने उत्पादों के दाम बढ़ा देती हैं। लागत-जन्य मुद्रास्फ़ीति के निम्नांकित कारण, लेकिन इस तक सीमित नहीं, हैं -
  • (a) घटक लागत: उदाहरण के लिए, कच्चे माल और अन्य घटकों के दामों में वृद्धि। ऐसा खाद्य प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाले तेल, तांबा और कृषि उत्पादों जैसी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण हो सकता है।(b) बढ़ती श्रम लागत: जब वेतन में वृद्धि उत्पादकता में वृद्धि से अधिक हो। बेरोजगारी कम होने पर मजदूरी की लागत अक्सर बढ़ जाती है क्योंकि कुशल श्रमिक दुर्लभ हो जाते हैं और इससे वेतन स्तर अधिक हो सकता है।
  • (c) विनिमय दर में गिरावट: यह लागत-जन्य मुद्रास्फ़ीति का एक कारण हो सकता है क्योंकि इससे आयातित उत्पादों जैसे आवश्यक कच्चा माल, घटक और तैयार उत्पादों की कीमतों में वृद्धि होती है।
  • इतनी उपयोगी जानकारी देने के लिए आपका धन्यवाद।
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