विशेषण गुणवाचक

Updated: 6/20/2021
विशेषण गुणवाचक

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  • सुप्रभात दोस्तों ! मै हूँ आपका दोस्त विशषेण | मेरे चार भेद होते है । चलो मै आप सभ को उनसे मिलवाता हूँ। पहले गुणवाचक के घर चलते है।
  • मै एकदम अच्छा हूँ। पता है मैना अपना नया बगीचा बनवाया है। चलो उसे देखने चलते है। 
  • सुप्रभात गुण ! तुम कैसे हों ?
  • गुणवाचक विशेषण वह विशेषण होते है जो हमको सज्ञा या सर्वनाम के गुण ,अवगुण ,दोष, रंग आदि का बोध कराता है। 
  • यह बहुत सुंदर बगीचा है। पेड़ पर मीठे फल लगे हुए है। 
  • आशा करता हूँ की आप सबने गुणवचक भेद अच्छा से समझ लिया होगा। अभ हम आगे बढ़ते है अपने दूसरे भेद के साथ जिसका नाम है संख्यावाचक विशेषण । एक खास बात बताऊ ' इस भेद के दो छोटा छोटा बच्चा भी है ' . 
  • माँ क्योंकि किसको भी मै अच्छे से समझ में नहीं आता हू। वह संख्यावाचक विशेषण ,जिनसे संख्या का निश्चित्त बोध ना हो उन्हे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहते है। 
  • मै हू संख्यावाचक विशेषण। अरे अनिश्चित बेटा तुम रो क्यों रहे हो ?
  • नीचे दिए गए शब्दो मै से गुणवाचक और संख्यावाचक विशषेण छाते > सुंदर >२ सेब >काला >दयालु >धार्मिक .>कुछ