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SUBHAGI
Updated: 9/13/2020
SUBHAGI
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Storyboard Text

  • तुलसी महतो और हरिहर आपस में बात करते हैं
  • भाई महतो तुम लड़की की दूसरी शादी कर दो / भाई अब समय बदल चुका है इसी कोई बुरा नहीं मानता है तो तुम क्यों सोच विचार करते हो
  • भाई ऐसा नहीं है मैं तो तैयार हूं लेकिन सुभागी माने तब ना वह किसी तरह राजी नहीं होगी
  • बेटी यह तेरे भले के लिए ही कहते हैं तेरे मां-बाप अब बूढ़े हो चले हैं ना जाने उनके जीवन का क्या भरोसा/ तुम इस तरह कब तक बैठी रहोगी
  • आपकी बात मैं समझ रही हूं चाचा लेकिन मेरा मन शादी करने के लिए नहीं करता मुझे आराम की चिंता नहीं है / मैं सब कुछ सहने के लिए तैयार हूं /चाचा अगर आप मुझे कुछ काम देता मैं वह भी कर लूंगी पर आप मुझ पर शादी का दबाव ना डालें
  • सुभागी सिर झुका कर
  • अगर तुम्हें यह लगता है कि मैं सारा काम करूंगा और तुम बैठे आराम करोगी तो यह तुम ना सोचना मेरा अपना भी परिवार है तो तुम ऐसा ना सोचना
  • भाई मैं ऐसा नहीं सोचती
  • सरपंच जी आज आप बंटवारा कर दीजिए क्योंकि रामू और सुभागी एक साथ नहीं रह सकते
  • सरपंच जी आजा बंटवारा करी दीजिए मैं सुभागी के साथ और नहीं रह सकता
  • अलग होने के बाद सुभागी अपने माता पिता को अलग घर में ले जाती है पर वहां जाकर उसके पिता की तबीयत खराब हो जाती है
  • कुछ समय बाद सुभागी के माता-पिता का देहांत हो जाता है उसके चाचा हरिहर उसे माता पिता के किरिया कर्म के लिए ₹500 उधार देते हैं
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