शहरीकरण

Updated: 3/26/2021
शहरीकरण

Storyboard Description

मानव की विकास यात्रा में पशुता से इंसान और इंसान से मानव के रूप में सतत विकास करता रहा है । उसने जंगली या असभ्यता का धीरे-धीरे त्यागना और सभ्य बनाए की ओर अग्रसर होता गया और यह विकास अभी भी जारी है । इसी पड़ाव में उसका अपना रहन सहन और जीवन शैली भी बदली । जंगल और गुफाओं में रहने वाला वनचर मानव, नदी के किनारे बाग बगीचों में रहने लगा और खेती करने लगा गांव का विकास हुआ । जीवन पहले से साल और आरामदायक होने लगा । किंतु वह वहीं नहीं रुका उसने अपनी विकास यात्रा जारी रखी क्योंकि उसकी जिज्ञासा और लालसा अनंत थी उसने उन सभी आवश्यक सुविधाएं और सामग्री की खोज की या उत्पाद किया जिससे वह प्रगतिशील लगे। ही क्षेत्र में उसका विकास और उत्थान हुआ उसी का एक रूप शहर है जिसे कस्बे के रूप में भी जमा जाता था ।

Storyboard Text

  • प्रकृति का साथ
  • क्या मानव से इनका कोई सम्बन्ध है ?यदि हाँ तो इन्हें जोड़ते हुए अपना विचार लिखें |
  • कृषि - ग्राम जीवन
  • ग्राम जीवन का अनुभव | देखा या सूना हुआ |
  • शहरीकरण
  • सभी सुख-सुविधाओं के पश्चात् भी शहर कीअपनी कुछ त्रासदी है ? इस पर अपने विचार व्यक्त करें |
  • मानवकी विकास यात्रा में पशुता से इंसान और इंसान से मानव के रूप में सतत विकास करतारहा है । उसने जंगली या असभ्यता का धीरे-धीरे त्यागना और सभ्य बनाए की ओर अग्रसरहोता गया और यह विकास अभी भी जारी है ।
  • उसकाअपना रहन सहन और जीवन शैली भी बदली । जंगल और गुफाओं में रहने वाला वनचर मानव, नदी के किनारे बाग बगीचोंमें रहने लगा और खेती करने लगा गांव का विकास हुआ । जीवन पहले से साल और आरामदायकहोने लगा । किंतु वह वहीं नहीं रुका उसने अपनी विकास यात्रा जारी रखी क्योंकि उसकीजिज्ञासा और लालसा अनंत थी
  • उसने उन सभी आवश्यक सुविधाएं और सामग्री की खोज की या उत्पाद किया जिससे वहप्रगतिशील लगे। ही क्षेत्र में उसका विकास और उत्थान हुआ उसी का एक रूप शहर हैजिसे कस्बे के रूप में भी जमा जाता था ।