अरे तुम दोनों ने पिता जी के लिए किया ही क्या है | मेरी बीवी ने उनकी सबसे अच्छे से देखभाल करि है और मेने ज़मीन को बखूबी से संभाला है | बड़ा मैं हूँ, ज़मीन पर सबसे पहला हक़ सिर्फ मेरा बनता हैं |
भाईसाब आप तो ऐसे कह रहे हैं जैसे मेरे पति ने तो कुछ मेहनत करी ही न हो | जब आप और भाभी छुटियाँ मानाने गए थे तो मैंने पिता जी का ध्यान रखा था और आपके भाई थे जिन्होंने ज़मीन को संभाला था और खून पसीना बहाया था इससे संभालने में | हमारा भी इस ज़मीन पर पूरा हख है |
हे राम, देखो तो कैसे ज़ुबान चलने लगी है | बड़ो से बात करना ही भूल गए है| मुकेश कुछ कहेगा नहीं तू अपनी पत्नी को |
हो गया आप दोनों का ? आप दोनों को क्या लगता है की में छोटा हूँ तो मेरा ज़मीन पर कोई हक़ नहीं ? मेने भी इस ज़मीन पर उतनी ही महनत करि है जितनी आप दोनों ने | ८ घंटे ज़मीन पर लगातार काम करता था और फिर वापिस आकर पिता जी की सेवा भी करता था. मेरा भी पूरा हक़ बनता है इस ज़मीन पर |
अरे क्यों इनके मुँह लग रहें हैं आप | इन लोगों को तो सीधे मुँह बात ही कहाँ करनी अति हैं | थोड़ी शांति रखिये ब्लड प्रेशर हाई हो जायेगा |
अरे कोई पानी दे दो | मुकेश ? लक्ष्मी ? कोई हैं ?
पिता जी ज़मीन पहले ही काफी छोटी है और अब अगर आप इसका भी बटवारा कर देंगे तो सबके हिस्से में आएगा ही कितना |
पहली बार कुछ सही बात करि है इन्होने | पिता जी घर चलन वैसे ही भारी पढता है | आप मेरी मानिये, इस ज़मीन के असली हक़दार सिर्फ हम हैं |
मेरा फैसला अब निश्चित है | या तो तुम लोग मिल जुलकर रहो या फिर जितना ज़मीन का हिस्सा मिल रहा उतने में खुश रहो |
मिल बाँटकर ? इन लोगों के साथ मिलकर रहने से अच्छा में इस छोटी सी ज़मीन के साथ ही खुश हूँ |
मुकेश ज़रा प्रभु से तो डर | दूसरों को झूट बोलकर क्यों अपने सर पाप लगा रहा है | तुझमे और तेरी बीवी में इतनी भी शर्म नहीं है क्या ? घर की बात पुरे गाँव में ब्रॉडकास्ट कर रहे हो |
भाई आप तो ऐसे बोल रहे हैं जैसे आप और आपकी बीवी तो कुछ कहती ही नहीं | आपकी बीवी ही है जिसने शर्मा जी की पत्नी के सामने मुँह खोला था | मुझपर और मेरी बीवी पर इलज़ाम लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकर देखिये |
देखो तो क्या तेवर बदले हैं लोगों के | जो भाई अपने भाई की हर बात माना करता था आज उसी को आँख दिखा रहा है |
अरे आप दोनों तो रहने ही दे | इतने बूढ़े हो गए हैं पर लालच नहीं गया | अपनी कबर में भी ज़मीन लेकर जायेंगे क्या ?