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शेर की दावत में बैल

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शेर की दावत में बैल

نص القصة المصورة

  • एक बार जंगल के राजा शेर ने रात्रि को भोजन में बैल का मांस खाने की इच्छा से एक योजना बनाई। वह बैल से आग्रह करते हुए बोला एक बार जंगल के राजा शेर ने रात्रि को भोजन में बैल का मांस खाने की इच्छा से एक योजना बनाई। वह बैल से आग्रह करते हुए बोला
  • शेर की दावत में बैल
  • admission number-17624
  • नाम- अनन्या सोमानीकक्षा-8-G
  • Roll number-42
  • रात होने पर जब बैल वहाँ पहुँचा तो उसने देखा कि वहाँ बड़ी-बड़ी सींके लगी है और घड़ों में पानी उबल रहा है। लेकिन वहाँ कोई मृत भेड़ नहीं थी। एक भी शब्द कहे बिना वह वापस जाने लगारात होने पर जब बैल वहाँ पहुँचा तो उसने देखा कि वहाँ बड़ी-बड़ी सींके लगी है और घड़ों में पानी उबल रहा है। लेकिन वहाँ कोई मृत भेड़ नहीं थी। एक भी शब्द कहे बिना वह वापस जाने लगा |
  • बैल ने उसका आमंत्रण स्वीकार कर लिया। रात होने पर जब बैल वहाँ पहुँचा तो उसने देखा कि वहाँ बड़ी-बड़ी सींके लगी है और घड़ों में पानी उबल रहा है। लेकिन वहाँ कोई मृत भेड़ नहीं थी। एक भी शब्द कहे बिना वह वापस जाने लगा
  • मैंने यहाँ कोई मृत भेड़ नहीं देखी। इसका मतलब है कि तुमने भेड़ के बदले आज बैल का मांस खाने की पूरी तैयारी कर रखी थी।”
  • शिक्षा: किसी की मीठी-मीठी बातों में कभी भी नहीं आना चाहिए।
  • “मैंने तो तुम्हें बिना कोई नुकसान पहुँचाए भोजन के लिए बुलाया लेकिन तुम बिना कोई कारण बताए ही जा रहे हो। नाशुक्र बैल!”
  • एक बार जंगल के राजा शेर ने रात्रि को भोजन में बैल का मांस खाने की इच्छा से एक योजना बनाई।
  • बैल ने उसका आमंत्रण स्वीकार कर लिया।
  • दोस्त, तुम्हारे लिए मैंने एक भेड़ का शिकार किया है और आज रात तुम मेरे महल में शाही भोज के लिए आमंत्रित हो।
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