भाई बहुत कमजोर होगया हूं।अब तो उठा भी नहीं जा रहा है मेरे से।
कोई हमें इस दशा में क्यों ही खरीदेगा? हम इतने मृतक हो गए हैं कि लोग सिर्फ देख के जा रहे हैं।
एक सप्ताह हो गया है वह दोनों यहां बंधे पड़े हैं।
यह कौन है? यह आते ही हम दोनों को कूल्हों में उंगली गोदकर मुंशी जी से बातें कर रहा है। इसका चेहरा देखकर मुझे डर लग रहा है।
किसी ने चारे भी नहीं दिए, एक बार पानी दिखा दिया।
दोनों ने एक दूसरे को भीख नेत्रों से देखा और सर झुका लिया।
यह तो सहसा है। यह एक दढियल आदमी है ।इसकी आंखें बहुत लाल है और मुद्रा अत्यंत कठोर। मुझे भी इससे डर लग रहा है।
कहते हैं भगवान सब के ऊपर दया करते हैं ,उन्हें हमारे ऊपर क्यों दया नहीं आती।
कहते हैं भगवान सब के ऊपर दया करते हैं ,उन्हें हमारे ऊपर क्यों दया नहीं आती।
गया के घर से नाहक भागे ।अब जान ना बचेगी।
तो क्या चिंता है ?मांस,खासी , सिंग,हड्डी ,सब किसी- न -किसी काम आ जाएंगे।
भगवान के लिए हमारा मरना -जीना दोनों बराबर है ।चलो ,अच्छा ही है,कुछ दिन उसके पास तो रहेंगे।एक बार भगवान ने उसे लड़की के रूप में हमें बचाया था। क्या अब ना बचाएंगे?
यह आदमी छुरी चलाएगा। देख लेना।
बिकने के बाद दोनों मित्र उसे साहस के साथ चले गए। दोनों ही डर रहे थे। उनसे चला भी नहीं जा रहा था,लेकिन भय की वजह से जैसे -तैसे भाग रहे थे, क्योंकि वह जरा भी धीरे चलते तो उन्हें जोर की मार पड़ती।रास्ते में उन्हें खुश गाय बैलों का झुंड दिखा।
Gleiten: 2
भाई यह गाय बैल कितने खुश नजर आ रहे हैं उछल कूद कर रहे हैं हरी हरी घास खा रहे हैं।
भाई यह राह कुछ जानी पहचानी लग रही है। वही खेत ,वही बाग ,वही गांव सब परिचित लग रहा है।
हां यह अपना ही खेत है इसी कुएं पर हम पूर चलाने आया करते थे।
लेकिन सब स्वार्थी है। उनके दो भाई गुलाम बन गए हैं और उन्हें इसकी चिंता भी नहीं है।
हमारा घर नगीचा आ रहा है।
मैं तो अब घर भागत हूं।
भगवान की दया है।
यह जाने देगा?
दोनों घर की ओर भागे और दढियल भी उनके पीछे भाग।झूरी बैलों को देखकर बहुत खुश हुआ।
इसे मैं मार गिराता हूं।
तुम्हारे बल कैसे? मैं मवेशीखाने से नीलम लिए आता हूं।
नहीं -नहीं दौड़कर थान पर चलो वहां से हम आगे न जाएंगे।
मेरे बेल है।
Gleiten: 3
मैं तो समझा हूं चुराए लिए आते हो! चुपके से चले जाओ। मेरे बेल है। मैं बेचूंगा तो बिकेंगे।किसी को मेरे बेल नीलाम करने का क्या आखि्तयार है?
मेरे बेल है इसका सबूत यह है कि मेरे द्वारा पर खड़े हैं।
जाकर थाने में रपट कर दूंगा।
दढियल बैलों को जबरदस्ती अपने साथ ले जा रहा था। इस वक्त मोटी नहीं सिंह मारा।दढियल भाग रहा था और मोती उसके पीछे-पीछे भाग रहा है।दढियल गांव के बाहर निकल गया लेकिन वह दूर खड़ा धमकियां दे रहा है, पत्थर फेंक रहा है। लेकिन मोती शुर की तरह उसका रास्ता रोका था। गांव के लोग यह तमाशा देख रहे हैं और हंस रहे हैं।
मैं डर रहा था कि कहीं तुम गुस्से में आकर मार न बैठो।
अब न आएगा।
आएगा तो दूर ही से खबर लूंगा ।देखूं ,कैसे ले जाता है।
अगर वह मुझे पकड़ता, तो मैं बे- मारे न छोड़ना।
हमारी जान को कोई जान ही नहीं समझता।
जो गोली मरवा दे?
इसलिए कि हम इतने सीधे हैं।
मर जाऊंगा, पर उसके काम तो ना आऊंगा।
थोड़ी देर में बैलों को खाना दे दिया गया और वे दोनों खा रहे थे। झूरी अपने बालों को सहला रहा था और लोग तमाशा देख रहे थे।
Über 30 Millionen erstellte Storyboards
Keine Downloads, Keine Kreditkarte und Kein Login zum Ausprobieren Erforderlich!