एक दिन वह दोपहर भर शिकार की तलाश में पहाड़ों में भटकता रहा लेकिन उसे कोई जानवर नहीं दिखा। लड़का उदास हो गया और सोचने लगा कि शायद आज उसे खाना न मिले, तभी अचानक उसे आसमान से कुछ आवाज सुनाई दी।
अभी लड़का चील के बच्चे को देख रहा था तभी सांप के शरीर में हलचल हुई और उसने अपना फन उठाया। सांप वास्तव में मरा नहीं था। इससे पहले कि सांप बाज के बच्चे को काट पाता, लड़के ने जल्दी से अपना तीर निकाला और सांप को एक ही निशाने पर मार दिया।
वह अभी तक घर नहीं पहुंचा था, जब वह विशाल बाज न जाने कहाँ से प्रकट हुआ और आकाश में अपने सिर के ऊपर मंडराने लगा।
1. "तुमने मेरे बच्चे को क्यों उठाया?" चील ने गुस्से में लड़के से पूछा।
“क्योंकि मैंने इसकी जान बचाई है, तुम जिस सांप को मरा हुआ समझ कर घोंसले में छोड़ गईं थीं दरअसल वो जिंदा था और तुम्हारे बच्चे को काटने वाला था !” लड़के ने चील से कहा।
यह सुनते ही चील का गुस्सा ठंडा पड़ गया। उसने लड़के से विनती करते हुए कहा
“तुम मुझे मेरा बच्चा सौंप दो। बदले में मैं अपनी तीक्ष्ण दृष्टि और शक्तिशाली पंखों से हमेशा तुम्हारी मदद करूंगी !”
उस दिन के बाद से लड़का और चील अभिन्न मित्र बन गए। अब लड़के को शिकार की तलाश में भटकना नहीं पड़ता था क्योंकि चील आकाश में उड़कर अपनी तेज दृष्टि से शिकार की तलाश करती और लड़के को बता देती।
धीरे धीरे लड़का बड़ा हुआ और चील की मदद से अपने इलाके का नामी शिकारी और योद्धा बन गया। उसकी बहादुरी से प्रभावित होकर एक दिन उस राज्य के लोगों ने उसे अपना राजा मान लिया। राजा बनने के बाद उसका नाम श्काईप रखा गया, जिसका अर्थ अल्बानिया की भाषा में होगा है - चील।श्काईप आगे चल कर बहुत ही योग्य और शक्तिशाली राजा सिद्ध हुआ चील की मदद से उसने जीवन भर अपने राज्य और लोगों की शत्रुओं से रक्षा की। आज भी आप अल्बानिया के झंडे को देखेंगे तो उसमें चील का चित्र दिखाई देगा जो उस बहादुर राजा और चील की मित्रता का प्रतीक है।
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