राजपूत वीरता से लड़ रहे हैं किंतु एक तो हमारे संख्या बहुत कम है दूसरे शत्रुओं का तोपखाना आग उगल रहा है।
राखी का मूल्य
मुझे लगता है कि मैं मर कर भी मेवाड़ की रक्षा नहीं कर पाऊंगा।
बाघ सिंह जी ! युद्ध का क्या हाल है?
पर वे हमारे शत्रु हैं।
हुमायूँ को?! क्या एक मुस्लिमन को भाई बनाओगी?
क्या?
मुझे एक उपाय सूझा है।
ऐसा न कहो ! हमारी तरह अब भारत उनकी भी जन्मभूमि हो चुका है। अब उनकी काफिला बनाकर उन्हें अरब नहीं भेजी जा सकता। भाग सिंह जी , आप ही कुछ बताइए। आपको क्या सम्मति है ?
चौंकते क्यों है जवाहरी ! मुसलमान भी इंसान है। उनको भी बहनें होती हैं। सोचो तो बहन क्या वे मनुष्य नही है।
मैं हुमायूँ को राखी भेजेगी।
हम तो आज्ञापालन करना जानते हैं , सम्मति देना नहीं।
अच्छी बात है। हम भी देखेंगे कि कौन कितना पानी में है। इसी बहाने उनकी मनुष्यता की परीक्षा हो जाएगी और यह भी प्रकड हो जाएगी कि एक राजपूतानी की राखी में कितनी ताकत है।
अच्छा तो फिर वही है. भाईचारे और मनुष्यता पर विश्वास करके हुमायूँ की परीक्षा जाए। लीजिये यह राखी और वह पात्र आज ही दूत के साथ बादशाह हुमायूँ के पास भेजिए।
Oltre 40 milioni di storyboard creati
Nessun Download, Nessuna Carta di Credito e Nessun Accesso Necessario per Provare!