Preskoči na glavno vsebino
Unknown Story

Snemalna Knjiga Besedilo

  • पहले के समय में आज की तरह स्कूल या कॉलेज नहीं होते थे इसलिए पहले के बच्चे आश्रम में पढ़ते थे और वही पर रहते थे जब तक उनकी पढ़ाइ ख़तम नहीं होती थी।
  • वह का आश्रम भी जंगल में होते थे नगरी से कोसो दू।
  • एक सच्चा शिष्य
  • ऐसे ही कुछ बच्चो की पढाई पूरी हो गयी थी तो उनके गुरु ने उनकी परीक्षा लेने का सोच।
  • अब तक तुम सब आश्रम के नियमो का पालन करते हुए आ रहे हो। अब तुम सब को सांसारिक जीवन में प्रवेश करना है। तुम्हे अपनी सूझ-बूझ से फैसला लेना होगा क्या उचित है और क्या अनुचित। किस में तुम्हारब हित है और किस मैं अहित।
  • मेरी पुत्री भी विवाह-योग्य हो रही है इन्ही में से उसके लिए उचित वर ढूंढ के उसका विवाह पक्का कर दूंगा ।
  • अब में तुमसे एक ज़रूरी बात करना चाहता हूँ। मरी एक पुत्री है और में उसका विवाह करना चाहता हूँ । तुम में से एक को में चुनूंग। उसके लिए तुम सब को कल सुन्दर गहने और अचे वस्त्र लाने पड़ेंगे लेकिन ध्यान रहे की यह बात किसी को नहीं पता चलनी चाहिए तुम सब को सबसे छुपके ये लाना होग। तभी तुम मेरी बेटी से विवाह कार सकते हो ।
  • सब अपने घर चले गए और छुपते छुपाते सुन्दर गहने और वस्त्र ले आये। किन्तु एक खाली हाथ था
  • गुरु जी आप ही ने तो सिखाया था की पेड़,नदिया और नीला आसमान कर जगह इश्वर है तो में भला उनसे चुपके यह कैसे ला सकता था।
  • तुम खाली हाथ क्यों हो?
  • ऋषि एहि देखना चाहते थे उन्होंने अपनी पुत्री के लिए वर चुन लिया था। फिर ऋषि ने सबको एक अंतिम सीख दी-
  • अब तुम मेरी इस अंतिम सीख को हमेशा याद रखना की जीवन में कभी भी बिना सोच विचार किये कोई काम मत करना ।
  • Dhriti Sharma S2-H Thank You