एक कुम्हार था। वह बहुत ही खूबसूरत बर्तन बनाता था। उसका बर्तनों का व्यवसाय अच्छा चल रहा था। लेकिन कभी-कभी लोग बर्तनों के आसानी से टूटने की शिकायत करते थे।
By Sachin
हे भगवान! कृपा करके मेरे बर्तनों को न टूटने वाला बना दीजिए। मैं ग्राहकों की शिकायत सुनते-सुनते परेशान हो चुका हूँ।
पुत्र, जैसी तुम्हारी इच्छा।
अब कुम्हार के सभी बर्तन न टूटने वाले हो गए। अब कोई भी ग्राहक उसके पास शिकायत लेकर नहीं आता था। लेकिन ग्राहकों ने अब कुम्हार से बर्तन खरीदने कम कर दिए थे क्योंकि उनके पुराने बर्तन टूटते ही नहीं थे।अब वह कुम्हार एक बार फिर भगवान से प्रार्थना की ।
अब कुम्हार के सभी बर्तन न टूटने वाले हो गए। अब कोई भी ग्राहक उसके पास शिकायत लेकर नहीं आता था। लेकिन ग्राहकों ने अब कुम्हार से बर्तन खरीदने कम कर दिए थे क्योंकि उनके पुराने बर्तन टूटते ही नहीं थे।अब वह कुम्हार एक बार फिर भगवान से प्रार्थना की ।
हे भगवान, कृपा करके मेरे बर्तन पहले जैसे ही बना दीजिए,अब मैं कभी प्रकृति के विरुद्ध नहीं जाऊँगा।
अब कुम्हार के सभी बर्तन न टूटने वाले हो गए। अब कोई भी ग्राहक उसके पास शिकायत लेकर नहीं आता था। लेकिन ग्राहकों ने अब कुम्हार से बर्तन खरीदने कम कर दिए थे क्योंकि उनके पुराने बर्तन टूटते ही नहीं थे।अब वह कुम्हार एक बार फिर भगवान से प्रार्थना की ।
ठीक है पुत्र, जैसी तुम्हारी इच्छा।
धन्यवाद प्रभु!
अब एक बार फिर कुम्हार का व्यवसाय खूब फलने-फूलने लगा।
प्रकृति के खिलाफ मत जाओ वरना प्रकृति तुम्हारे खिलाफ जाएगी!
कहानी की शिक्षा
Over 40 Million Storyboards Created
No Downloads, No Credit Card, and No Login Needed to Try!